राजनांदगांव जिले में कृषक उपभोक्ता 08 गुना और घरेलू उपभोक्ताओं में ढ़ाई गुना की बढ़ोतरी…

राजनांदगांव, 13 जनवरी 2026 – छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा राजनांदगांव रीजन के तहत राजनांदगांव जिले में विगत 25 वर्षों में बहुत तेजी से विद्युत अधोसंरचना की नई इबारत लिखी गई है। जिला राजनांदगांव 26 जनवरी 1973 को तात्कालिक दुर्ग जिले से अलग हो कर अस्तित्व में आया। रियासत काल में राजनांदगांव एक राज्य के रूप में विकसित था एवं यहाँ पर सोमवंशी, कलचुरी एवं मराठाओं का शासन रहा।

पूर्व में यह नंदग्राम के नाम से जाना जाता था। यहाँ की रियासत कालीन महल, हवेली राज मंदिर इत्यादि स्वयं इस जगह की गौरवशाली समाज, संस्कृति, परंपरा एवं राजाओं की कहानी कहता है। साहित्य के क्षेत्र में श्री गजानन माधव मुक्तिबोध, श्री पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी एवं श्री बल्देव प्रसाद मिश्र का योगदान विशिष्ठ रहा है। 1 जुलाई 1998 को इस जिले के कुछ हिस्से को अलग कर एक नया जिला कबीरधाम की स्थापना हुई। जिला राजनांदगांव छत्तीसगढ़ राज्य के मध्य भाग में स्थित है। वर्ष 2022 में राजनांदगांव जिले से अलग होकर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी के रूप में दो नये जिले बना दिए गए जिसके कारण जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल घटकर 8022.55 वर्ग किलोमीटर शेष रह गया।

विद्युत अधोसंरचना विकास एवं विद्युत प्रदाय की निरंतरता और विश्वसनीयता के कारण जिले में उपभोक्ताओं की संख्या 118027 से बढ़कर 2,51,353 हो गई है। विद्युत कनेक्शन 1,25,373 से बढ़कर 3,03,942 एवं कृषक उपभोक्ताओं की संख्या 7,308 से बढ़कर 52,336 हो गई। इस प्रकार 25 वर्षों में विद्युत उपभोक्ताओं में 145 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जिसके विद्युत आपूर्ति हेतु छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने विद्युत अधोसंरचनाओं में विस्तार एवं मैदानी अमलों को तैयार किया है। विगत 25 वर्षों में राजनांदगांव जिले में 132/33 के.व्ही. उपकेंद्रों की संख्या 1 से बढ़कर 4 हो गई।

इसी तरह 132/33 के.व्ही. उपकेंद्रों की क्षमता 40 एम.व्ही.ए. से बढ़कर 263 एम.व्ही.ए. एवं 33/11 के.व्ही. उपकेंद्रों की क्षमता 77.8 एम.व्ही.ए. से बढ़कर 366.55 एम.व्ही.ए. हो चुका है। इसी प्रकार 33/11 के.व्ही.उपकेंद्रों की संख्या 14 से बढ़कर 49, पॉवर ट्रांसफार्मरों की संख्या 20 से बढ़कर 115 हो गई। वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या 1202 से बढ़कर 9185 हो गई। उच्चदाब लाइनों की लंबाई 2020.03 किलोमीटर से बढ़कर 4822.74 किलोमीटर हो गई तथा निम्नदाब लाईनों की लम्बाई 3461.94 से बढ़कर 9699.22 किमी हो गई।

इस प्रकार राजनांदगांव जिले में विगत 25 वर्षों में तेजी से विद्युत विकास कार्यों से लाखों उपभोक्ता लाभान्वित हुए हैं। जिले में कुल उपभोक्ता ढ़ाई गुना और सिंचाई पंप 08 गुना बढे़ जिसके लिए 3 जोन और 22 वितरण केन्द्र का निर्माण कर कुल 3,03,942 उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत प्रदाय कर ग्रामों का विद्युतीकरण शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया। राजनांदगांव जिले में उपभोक्ताओं को आधुनिक सुविधा प्रदान करने की दृष्टि से अब तक 2,37,430 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।