
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 5 साल की बच्ची से गैंगरेप के नाबालिग दोषियों को किशोर न्याय बोर्ड ने 3-3 साल की सजा सुनाई है। आरोपियों ने मासूम बच्ची को चॉकलेट खिलाने के बहाने घर बुलाया। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया।
इस घटना के बाद दो दिन तक बच्ची सदमे में रही। दो साल पहले हुई इस घटना पर अब किशोर न्याय बोर्ड ने बड़ा फैसला सुनाया है। घटना कोनी थाना क्षेत्र की है। पीड़ित बच्ची के माता-पिता मजदूरी करते हैं। दिन भर घर से बाहर रहते हैं। बच्ची घर में अपनी दादी के साथ रहती है। करीब दो साल पहले मार्च 2024 को बच्ची मोहले में खेल रही थी।
बच्ची को देखकर गांव के 16 साल के दो लड़के उसे चॉकलेट का लालच देकर अपने घर ले गए। बच्ची को घर लेकर जाने के बाद दोनों बदमाशों ने उसके साथ रेप किया। इसके बाद उसे घर के बाहर छोड़ दिया। घटना के बाद बच्ची सदमे में आ गई थी, वो गुमसुम थी और दर्द से परेशान थी। बच्ची अपनी दादी से सारी बातें बताती थी।
लेकिन, उसे भी कुछ नहीं बताया। हालत देखकर उसकी दादी ने पूछा तो दर्द से कराहती बच्ची ने आपबीती बताई। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी गोपाल सतपथी ने तत्काल केस दर्ज कर वैज्ञानिक और विधिसम्मत तरीके से विवेचना शुरू की।
